प्र1.
आपके विचार से क्या पक्षी भी जीवन-चक्र की विभिन्न अवस्थाओं में महत्वपूर्ण परिवर्तन प्रदर्शित करते हैं?
उत्तर
पक्षियों में परिवर्तन होते तो हैं, किंतु मच्छर या मेंढक जैसे नाटकीय नहीं।
| पक्षी के जीवन की अवस्था | कैसी दिखती है |
|---|---|
| अंडा | कठोर खोल वाला, घोंसले में दिया गया; भीतर चूजा विकसित होता है |
| चूजा | छोटा, दुर्बल, प्रायः लगभग पंखहीन, आँखें बंद, उड़ नहीं सकता; माता-पिता खिलाते हैं |
| किशोर पक्षी | पंख आ जाते हैं, उड़ना सीखता है, कभी-कभी अब भी खिलाया जाता है |
| वयस्क पक्षी | पूरे पंख, उड़ता है, स्वयं भोजन जुटाता है और अंडे देता है |
यह मेंढक या मच्छर से किस प्रकार भिन्न है—
- चूजे का शरीर का ढाँचा माता-पिता जैसा ही होता है— चोंच, दो पंख, दो पैर। वह मुख्यतः बड़ा होता है और उस पर पंख आते हैं।
- उसका आवास नहीं बदलता— घोंसला, फिर पेड़ और आकाश।
- प्यूपा जैसी कोई विश्राम अवस्था नहीं होती और टैडपोल की पूँछ की तरह कोई अंग लुप्त नहीं होता।
तो सच्चा उत्तर क्या है? हाँ, परिवर्तन होते हैं— नंगा गुलाबी चूजा और उड़ती कोयल बहुत भिन्न दिखते हैं— किंतु ये आमाप और आवरण के परिवर्तन हैं, शरीर के पूरे पुनर्निर्माण के नहीं। अध्याय का वाक्य “बाह्य आकृति, शरीर के आकार और संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन” मच्छर और मेंढक पर कहीं अधिक ठीक बैठता है।