कुतूहल अध्याय 10 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या आपने कभी ध्यान दिया कि समय के साथ जंतु कैसे बड़े होते हैं? विभिन्न जंतुओं के बच्चों के रेखा-चित्र बनाइए और उनके नाम लिखिए।
उत्तर

हाँ। कुछ बच्चे अपने माता-पिता की छोटी प्रतिकृति जैसे दिखते हैं; कुछ बिल्कुल भिन्न दिखते हैं। रेखा-चित्र बनाइए और दोनों नाम लिखिए।

जंतुबच्चाक्या बच्चा वयस्क जैसा दिखता है?
गायबछड़ाहाँ— लंबी टाँगों वाली छोटी गाय
मुर्गीचूजाहाँ— रोएँदार छोटा पक्षी
बिल्लीबिल्ली का बच्चाहाँ
बकरीमेमनाहाँ
मेंढकटैडपोलनहीं— पूँछ वाला तैराक, पैर बिल्कुल नहीं
तितलीइल्ली (लार्वा)नहीं— रेंगने वाला, पत्ते खाने वाला कृमि जैसा जीव
मच्छरलार्वानहीं— जल में रहता है और उड़ नहीं सकता
रेशम कीटलार्वा (रेशम का कीड़ा)नहीं
यह अंतर क्यों महत्वपूर्ण है: जहाँ बच्चा वयस्क जैसा दिखता है, वहाँ वृद्धि केवल आमाप का बढ़ना है। जहाँ वह बिल्कुल भिन्न दिखता है— मच्छर, तितली, मेंढक— वहाँ जंतु की बाह्य आकृति, शरीर के आकार और संरचना में महत्वपूर्ण परिवर्तन होते हैं और कभी-कभी उसका आवास भी जल से थल में बदल जाता है। इन्हीं जीवन-चक्रों का विस्तार से अध्ययन यह अध्याय करता है।
यह कीजिए: कॉपी में दो स्तंभ बनाइए— “बच्चा” और “वयस्क”। मुर्गी के साथ चूजा और मेंढक के साथ टैडपोल बनाइए। दोनों स्तंभ एक ही दृष्टि में पूरी कहानी कह देंगे।
प्र2.
हमें सलाह दी जाती है कि अपने आस-पास कहीं भी जल इकट्ठा न होने दें। ऐसा क्यों है? क्या स्थिर जल का मच्छरों के अंडे देने के साथ कोई संबंध है?
उत्तर

हाँ— सीधा संबंध है। मच्छरों के प्रजनन के लिए स्थिर जल चाहिए, अतः घर के पास स्थिर जल का अर्थ है घर में मच्छर।

  • वयस्क मादा मच्छर सीधे जल पर या जल के समीप अंडे देती है।
  • लार्वा और प्यूपा जल में रहते हैं— वे कहीं और विकसित हो ही नहीं सकते।
  • उन्हें स्थिर जल चाहिए। बहती नदी या तेज़ नाली में अंडे और लार्वा बह जाते हैं, इसीलिए स्थिर जल ही खतरनाक है।
  • मादा मच्छर खून चूसने वाले कीट हैं जिनसे मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसी अनेक बीमारियों का संचरण हो सकता है।

स्थिर जल के सामान्य स्थान— सुरक्षा परीक्षण (सेफ्टी ऑडिट) में इन्हें अवश्य देखिए: कूलर के अंदर, गमले और उनकी तश्तरियाँ, कोई भी खुला पात्र, पुराने टायर, फेंके हुए डिब्बे और नारियल के खोल, बिना ढका टंकी, तथा वर्षा के बाद रुकी नालियाँ और छत।

इस सलाह के पीछे का तर्क: वयस्क मच्छरों के पीछे भागने की अपेक्षा जीवन-चक्र को आरंभ में ही तोड़ना कहीं सरल है। जल हटाइए और उसके साथ अंडे, लार्वा तथा प्यूपा भी चले जाएँगे— कोई वयस्क बनेगा ही नहीं।
घर में यह कीजिए: सप्ताह में एक बार कूलर की तश्तरी, गमलों की प्लेटें और कोई भी रखी बाल्टी खाली करके सुखा दीजिए। एक सप्ताह पर्याप्त छोटा अंतराल है— मच्छर को अंडे से वयस्क बनने में लगभग 7 से 10 दिन लगते हैं।
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