कुतूहल अध्याय 6 क्रियाकलाप 6.3

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
विचार करें कि एक गिलास बनाने के लिए हम किन-किन सामग्रियों का उपयोग कर सकते हैं। चित्र 6.2 में दिए गए रिक्त स्थानों में इन सामग्रियों के नाम लिखें।
उत्तर

चित्र 6.2 में गिलास से जुड़े चार रिक्त बॉक्स हैं। उनमें ऐसी चार सामग्रियाँ भरिए जो सचमुच जल धारण कर सकें—

सामग्रीक्यों उपयुक्त हैकहाँ दिखती है
स्टील (धातु)कठोर, गिरने पर टूटता नहीं, रिसाव नहीं, धोने में आसानलगभग हर भारतीय घर का स्टील का गिलास
काँचपारदर्शी, पेय से क्रिया नहीं करता, रिसाव नहीं — परंतु शीघ्र टूट जाता हैशिकंजी और रस के काँच के गिलास
प्लास्टिकहल्का, सस्ता, अटूट, रिसाव नहींरेलगाड़ी और विद्यालय के मध्याह्न भोजन में प्रयुक्त गिलास
मिट्टी (पकी हुई)जल धारण करती है और उसे ठंडा रखती है; कुल्हड़ पर्यावरण के अनुकूल भी हैरेलवे स्टेशन पर चाय का कुल्हड़

अन्य सही उत्तर: पीतल या ताँबा (ताँबे का लोटा), विशेष अवसरों पर चाँदी, तथा पूर्वोत्तर राज्यों में बाँस

चारों के पीछे एक ही नियम: गिलास बनाने के लिए आवश्यक सामग्रियों में जल धारण करने की क्षमता होनी चाहिए — वह जल सोखे नहीं, रिसे नहीं, और गीली होने पर घुले या बिखरे नहीं।
प्र2.
क्या खाना पकाने के बर्तन बनाने के लिए कागज जैसी सामग्री का उपयोग करना अच्छा विचार होगा?
उत्तर

नहीं, यह बहुत बुरा विचार होगा। खाना पकाने का बर्तन सीधे आँच पर रखा जाता है और कागज हर कसौटी पर विफल हो जाता है।

  • कागज जल जाता है। दाल या चावल पकने से बहुत पहले ही उसमें आग लग जाएगी।
  • कागज जल सोख लेता है और गीला होकर कमजोर हो जाता है। गीला कागज फट जाता है और भोजन गिर जाता है।
  • कागज नरम और अल्प-सामर्थ्य वाला है। वह एक किलोग्राम सब्जी का भार नहीं सँभाल सकता।
  • कागज ऊष्मा को भोजन तक ठीक से नहीं पहुँचाता।

इसलिए खाना पकाने के बर्तन धातुओं से बनाए जाते हैं — स्टील, लोहा, ऐलुमिनियम, पीतल — क्योंकि धातुएँ कठोर और मजबूत होती हैं, जलती नहीं, जल नहीं सोखतीं और ऊष्मा शीघ्र भोजन तक पहुँचाती हैं। मिट्टी की हाँडी भी चलती है, क्योंकि पकी मिट्टी जलती नहीं।

सीख: हम किसी वस्तु को बनाने के लिए सामग्री का चयन उसके गुणों और उस प्रयोजन के आधार पर करते हैं जिसके लिए वस्तु का उपयोग होना है। कागज नोटबुक के लिए उत्तम है और कड़ाही के लिए बिल्कुल अनुपयुक्त।
प्र3.
कपड़े से बने गिलास का उपयोग जल रखने के लिए क्यों नहीं किया जा सकता?
उत्तर

क्योंकि कपड़ा जल सोख लेता है और उसे रिसने देता है।

  • कपड़ा पतले धागों को बुनकर बनाया जाता है और धागों के बीच सूक्ष्म रिक्त स्थान रह जाते हैं। जल इन्हीं से होकर टपक जाता है — ठीक वैसे ही जैसे चित्र में लड़की के कपड़े के गिलास से जल गिर रहा है।
  • कपड़ा जल सोख भी लेता है और गीला तथा भारी हो जाता है।
  • कपड़ा नरम है, इसलिए कपड़े का गिलास स्वयं खड़ा भी नहीं रह सकता — वह लुढ़क जाता है।
स्टील और काँच से जल क्यों नहीं रिसता: स्टील, काँच, प्लास्टिक या पकी मिट्टी में सामग्री अखंड होती है — जल के निकलने के लिए कोई रिक्त स्थान ही नहीं होता — और सामग्री इतनी कठोर होती है कि अपना आकार बनाए रखती है। इसीलिए इनसे गिलास बनते हैं, कपड़े से नहीं।
स्वयं जाँचिए: एक खाली गिलास पर रूमाल रखकर थोड़ा जल डालिए। जल सीधे नीचे चला जाएगा और रूमाल गीला रह जाएगा। अब यही प्रयोग पॉलीथीन की शीट से कीजिए — एक बूँद भी पार नहीं होगी।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ