प्र1.
विचार करें कि एक गिलास बनाने के लिए हम किन-किन सामग्रियों का उपयोग कर सकते हैं। चित्र 6.2 में दिए गए रिक्त स्थानों में इन सामग्रियों के नाम लिखें।
उत्तर
चित्र 6.2 में गिलास से जुड़े चार रिक्त बॉक्स हैं। उनमें ऐसी चार सामग्रियाँ भरिए जो सचमुच जल धारण कर सकें—
| सामग्री | क्यों उपयुक्त है | कहाँ दिखती है |
|---|---|---|
| स्टील (धातु) | कठोर, गिरने पर टूटता नहीं, रिसाव नहीं, धोने में आसान | लगभग हर भारतीय घर का स्टील का गिलास |
| काँच | पारदर्शी, पेय से क्रिया नहीं करता, रिसाव नहीं — परंतु शीघ्र टूट जाता है | शिकंजी और रस के काँच के गिलास |
| प्लास्टिक | हल्का, सस्ता, अटूट, रिसाव नहीं | रेलगाड़ी और विद्यालय के मध्याह्न भोजन में प्रयुक्त गिलास |
| मिट्टी (पकी हुई) | जल धारण करती है और उसे ठंडा रखती है; कुल्हड़ पर्यावरण के अनुकूल भी है | रेलवे स्टेशन पर चाय का कुल्हड़ |
अन्य सही उत्तर: पीतल या ताँबा (ताँबे का लोटा), विशेष अवसरों पर चाँदी, तथा पूर्वोत्तर राज्यों में बाँस।
चारों के पीछे एक ही नियम: गिलास बनाने के लिए आवश्यक सामग्रियों में जल धारण करने की क्षमता होनी चाहिए — वह जल सोखे नहीं, रिसे नहीं, और गीली होने पर घुले या बिखरे नहीं।