प्र1.
विभिन्न खेलों की गेंदें बनाने के लिए भिन्न-भिन्न सामग्रियों का उपयोग क्यों किया जाता है?
उत्तर
क्योंकि प्रत्येक खेल में गेंद से भिन्न व्यवहार अपेक्षित होता है — और यह व्यवहार सामग्री से ही आता है।
| गेंद | किससे बनी | खेल को कौन-सा गुण चाहिए |
|---|---|---|
| क्रिकेट की गेंद | बीच में कॉर्क, ऊपर लिपटा धागा, चमड़े का आवरण | कठोर और भारी, जिससे बल्ले से लगकर दूर जाए और पिच पर कम उछले |
| टेनिस की गेंद | खोखली रबर जिसमें वायु भरी है, ऊपर कपड़े का आवरण | हल्की और अत्यंत प्रत्यास्थ — बार-बार ऊँचा उछलना आवश्यक |
| फुटबॉल | चमड़े या संश्लिष्ट आवरण, भीतर वायु भरी रबर की ब्लैडर | बड़ी, हल्की और इतनी नरम कि सिर से मारने पर चोट न लगे |
| हस्त व्यायाम की गेंद | नरम ठोस रबर या सिलिकॉन | मुट्ठी में सरलता से दबे और छोड़ते ही पुन: आकार में आ जाए |
| टेबल टेनिस की गेंद | पतला, खोखला प्लास्टिक | अत्यंत हल्की, जिससे छोटे बल्ले से भी उछाली जा सके |
ऐसा क्यों: सामग्री ही गेंद की कठोरता, द्रव्यमान और उछाल तय करती है। रबर दबकर पुन: अपने आकार में लौट आती है और अधिकांश ऊर्जा वापस कर देती है, इसलिए रबर की गेंद ऊँचा उछलती है। कॉर्क और चमड़ा लगभग बिल्कुल नहीं दबते, इसलिए क्रिकेट की गेंद कम उछलती है पर बल्ले से लगकर तेज जाती है।