प्र1.
एक-एक करके गेंदें लें और किसी नियत ऊँचाई से गिराएँ। जिस ऊँचाई तक गेंद उछलती है उसे तालिका 6.2 में अंकित करें। उस गेंद को पहचानें जो सबसे अधिक ऊँचाई तक उछलती है।
उत्तर
विधि: दीवार के पास खड़े होकर चॉक से एक नियत ऊँचाई (मान लीजिए 1 m) अंकित कीजिए, गेंद को वहीं से फेंके बिना गिराइए और मित्र से लौटने की ऊँचाई नोट कराइए। प्रत्येक गेंद के लिए तीन बार दोहराइए। हर बार एक ही ऊँचाई और एक ही फर्श का उपयोग कीजिए, अन्यथा तुलना उचित नहीं होगी।
| तालिका 6.2— गेंदों का उछाल स्तर | ||
|---|---|---|
| गेंद | उछाल (उच्च, मध्यम या निम्न) | कारण — सामग्री |
| टेनिस की गेंद | उच्च | खोखली रबर जिसमें वायु भरी है — गिरते ही दबती है और पूरी तरह उछल आती है |
| क्रिकेट की गेंद | निम्न | चमड़े के आवरण में धागा लिपटा कॉर्क — कठोर, लगभग दबती ही नहीं |
| हस्त व्यायाम की गेंद | मध्यम | ठोस नरम रबर — दबती तो है, पर बहुत-सी ऊर्जा भीतर ही व्यय हो जाती है |
| कोई अन्य — रबर की गेंद | उच्च | ठोस रबर, अत्यधिक प्रत्यास्थ |
| कोई अन्य — प्लास्टिक की (खोखली) गेंद | मध्यम | पतला प्लास्टिक, हल्की; उछलती है पर रबर जितनी नहीं |
| कोई अन्य — मिट्टी की गेंद | बिल्कुल नहीं (टूट जाती है) | पकी मिट्टी कठोर तो है पर भंगुर है |
सबसे अधिक ऊँचाई तक उछलने वाली गेंद: टेनिस की गेंद।
ऐसा क्यों: तीनों गेंदें एक ही आकार की हैं, इसलिए एकमात्र अंतर सामग्री का है। रबर प्रत्यास्थ है — फर्श से टकराने पर उसका आकार बदलता है और फिर वह स्वयं को वापस धकेल देती है, जिससे लगभग सारी ऊर्जा लौट आती है। कॉर्क-चमड़ा और पकी मिट्टी वापस नहीं उछलते, इसलिए ऊर्जा नष्ट हो जाती है और गेंद नीचे ही रह जाती है।
स्वयं जाँचिए: यही प्रयोग रेत या गद्दे पर दोहराइए। अब टेनिस की गेंद भी मुश्किल से उछलेगी, क्योंकि इस बार सतह ऊर्जा सोख लेती है। उछाल दोनों सतहों पर निर्भर करता है, केवल गेंद पर नहीं।