कुतूहल अध्याय 6 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
खेल की गेंदों के अन्य गुणों पर कक्षा में चर्चा करें जैसे— उनका आकार, रंग, गठन (कठोर या मुलायम) और वे कितनी ऊँचाई तक उछलती हैं। ये समझने का प्रयास करें कि किसी विशिष्ट खेल के लिए उपयुक्त प्रत्येक गेंद कुछ निश्चित सामग्रियों से क्यों बनी होती है।
उत्तर

कक्षा की चर्चा के लिए तैयार तुलना—

गेंदआकाररंगगठनउछाल
क्रिकेट की गेंदछोटी (लगभग 7 cm)लाल या सफेदचिकना चमड़ा, उभरी हुई सीवननिम्न
टेनिस की गेंदछोटी (लगभग 6.5 cm)चमकीला प्रतिदीप्त पीलारोएँदार कपड़े का आवरणउच्च
फुटबॉलबड़ी (लगभग 22 cm)प्राय: सफेद पर काले चकत्तेचिकने सिले हुए टुकड़ेमध्यम–उच्च
हस्त व्यायाम की गेंदहथेली में समाने योग्यचटख एक ही रंगनरम, थोड़ी पकड़ वालीमध्यम

चर्चा से क्या निकलना चाहिए:

  • रंग इसलिए चुना जाता है कि गेंद दिखाई दे। टेनिस की गेंद बहुत तेज चलती है, इसलिए वह प्रतिदीप्त पीली होती है; दिन-रात के मैचों में सफेद क्रिकेट गेंद प्रयोग होती है क्योंकि फ्लडलाइट में लाल गेंद खो जाती है।
  • गठन पकड़ और स्विंग तय करता है। टेनिस गेंद का रोएँदार आवरण रैकेट के तारों को पकड़ देता है; क्रिकेट गेंद की उभरी सीवन से ही गेंदबाज स्विंग कराता है।
  • आकार और द्रव्यमान उस अंग के अनुसार होते हैं जिससे गेंद पर प्रहार होता है — लकड़ी के बल्ले के लिए छोटी कठोर गेंद, नंगे पैर या सिर के लिए बड़ी हल्की गेंद।
एक वाक्य में: गेंद किसी विशेष सामग्री से इसलिए बनी होती है क्योंकि उस सामग्री के गुण — कठोरता, द्रव्यमान, प्रत्यास्थता, सतह — ठीक वही हैं जिनकी उस खेल को आवश्यकता है।
प्र2.
चित्र 6.4 का अवलोकन करें और वस्तुओं को यथासंभव विभिन्न विधियों से समूहों में वर्गीकृत करें।
उत्तर

चित्र 6.4 में 16 ठोस आकृतियाँ हैं। ध्यान से देखिए — यह पूरा समुच्चय 4 आकृतियाँ × 4 रंग है।

वर्गीकरण 1 — आकृति के आधार पर (4-4 के चार समूह):

आकृतिकिन रंगों मेंसंख्या
शंकुगुलाबी, नारंगी, बैंगनी, नीला4
वर्गाकार पिरामिडनारंगी, नीला, गुलाबी, बैंगनी4
घननीला, बैंगनी, नारंगी, गुलाबी4
त्रिभुजाकार प्रिज्मबैंगनी, गुलाबी, नीला, नारंगी4

वर्गीकरण 2 — रंग के आधार पर (4-4 के चार समूह): गुलाबी — 4 वस्तुएँ; नारंगी — 4; नीला — 4; बैंगनी — 4।

वर्गीकरण 3 — पृष्ठों के प्रकार से:

  • वक्र पृष्ठ वाली — चारों शंकु।
  • केवल समतल पृष्ठ वाली — चारों घन, चारों पिरामिड और चारों प्रिज्म (कुल 12)।

वर्गीकरण 4 — नुकीले शीर्ष के आधार पर: ऊपर नुकीली — शंकु और पिरामिड (8); बिना नोक वाली — घन और प्रिज्म (8)।

कई उत्तर सही क्यों हैं: आपने इन वस्तुओं को उनके आकार, रंग या जिस सामग्री से वे बनी हैं, उसके आधार पर वर्गीकृत किया होगा — और प्रत्येक वर्गीकरण पूर्ण एवं सही है। हम सामग्रियों को उनके गुणों के आधार पर वर्गीकृत करते हैं, और प्रत्येक गुण अपने अलग समूह देता है।
प्र3.
अपने द्वारा एकत्रित की गई वस्तुओं को देखें। क्या इनमें से कोई भी वस्तु प्रकाश पड़ने पर चमकती है?
उत्तर

हाँ — कुछ चमकती हैं और कुछ नहीं, और यही इस छँटाई का उद्देश्य है। कागज, गत्ता, लकड़ी, चॉक, ताँबे का तार, ऐलुमिनियम की पन्नी तथा पीतल, काँस्य या स्टील से बनी किसी वस्तु के छोटे टुकड़े एकत्रित कीजिए और प्रत्येक को धूप में रखिए।

टुकड़ाक्या चमकता है?गठनसमूह
ताँबे का तारहाँचिकनाद्युतिमय
ऐलुमिनियम की पन्नीहाँचिकनी, फिसलनीद्युतिमय
पीतल / काँस्य / स्टील की वस्तुहाँचिकनीद्युतिमय
कागजनहींचिकना पर मलिनद्युतिहीन
गत्तानहींखुरदराद्युतिहीन
लकड़ी (बिना पॉलिश)नहींखुरदरी, रेशों की धारियाँद्युतिहीन
चॉकनहींखुरदरी, चूर्णमयद्युतिहीन

जिन सामग्रियों की सतह प्राय: चमकदार होती है उनका स्वरूप द्युतिमय कहलाता है और ऐसी सामग्रियाँ सामान्यत: धातु होती हैं — लोहा, ताँबा, जस्ता, ऐलुमिनियम, सोना। जिनकी सतह चमकदार नहीं होती वे द्युतिहीन हैं — कागज, लकड़ी, रबर, जूट।

समानता क्यों महत्वपूर्ण है: ताजी कटी लकड़ी लोहे से बिल्कुल भिन्न दिखती है, और लोहा ताँबे या ऐलुमिनियम से भिन्न दिखता है — फिर भी लोहा, ताँबा और ऐलुमिनियम में वह चमक समान है जो तीनों को लकड़ी से अलग करती है। यही समान गुण उन्हें एक समूह, अर्थात् धातुओं, में रखता है।
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