कुतूहल अध्याय 6 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
दोनों गिलासों में जल का स्तर अलग-अलग क्यों है?
उत्तर

क्योंकि दोनों विद्यार्थियों ने गिलासों में अलग-अलग मात्रा में जल डाला।

दोनों गिलास एक जैसे हैं, इसलिए दोनों की क्षमता समान है। एक आधा भरा [चित्र 6.8 (क)] और दूसरा लगभग पूरा भर गया [चित्र 6.8 (ख)]। स्तर का यह अंतर बताता है कि प्रत्येक गिलास में जल की मात्रा अलग-अलग है

पहले गिलास में जल कम स्थान घेरता है
→ उसका आयतन कम है
दूसरे गिलास में जल अधिक स्थान घेरता है
→ उसका आयतन अधिक है
जल द्वारा घेरा गया स्थान उसके आयतन को दर्शाता है।
गिलासों का एक जैसा होना क्यों आवश्यक है: यदि एक गिलास चौड़ा और दूसरा पतला होता तो समान मात्रा का जल भी भिन्न ऊँचाई पर ठहरता और तुलना निरर्थक हो जाती। गिलास एक जैसे हैं, इसीलिए जल की ऊँचाई उसके आयतन का उचित माप बन जाती है।
क्या आप जानते हैं? आयतन लीटर (L) और मिलीलीटर (mL) में मापा जाता है। बोतल पर छपी ‘मात्रा’ यही बताती है — 1 L, 500 mL, 200 mL। दूध का पैकेट और पीने के जल की बोतल, दोनों पर 500 mL लिखा हो तो दोनों में समान आयतन है।
प्र2.
मैं जग का पूरा पानी खाली बोतल में क्यों नहीं भर पाई! अब मुझे इसका कारण समझ में आया...
उत्तर

क्योंकि जग में उतना जल था जितना बोतल में समा ही नहीं सकता — जग के जल का आयतन बोतल की क्षमता से अधिक था।

और “खाली” बोतल वास्तव में खाली भी नहीं होती — वह वायु से भरी होती है। जैसे-जैसे जल भीतर जाता है, वायु को उसी सँकरे मुँह से बाहर निकलना पड़ता है। इसीलिए जल गड़गड़ाता है, उछलकर वापस आता है और धीरे-धीरे भरता है।

जग में जल का आयतन > बोतल की धारण क्षमता
→ शेष जल के लिए कोई स्थान नहीं बचता
→ वह बाहर छलक जाता है और जग में ही रह जाता है
इसके पीछे का विचार: द्रव्य स्थान घेरता है, और एक ही स्थान को एक ही समय में दो वस्तुएँ नहीं घेर सकतीं। इसीलिए सीटों पर बस्ते रखे होने पर विद्यार्थी बैठ नहीं पाए — बस्तों ने वह स्थान घेर लिया था। 500 mL की बोतल में ठीक 500 mL जल आएगा, एक बूँद अधिक नहीं।
यह करके देखिए: एक खाली गिलास को उल्टा करके सीधे जल की बाल्टी में दबाइए। जल उसमें नहीं भरता — भीतर बंद वायु वह स्थान घेरे हुए है। यह सिद्ध करता है कि वायु भी द्रव्य है।
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