प्र1.
क्या जल पारदर्शी है? क्या इसे अपारदर्शी बनाया जा सकता है?
उत्तर
हाँ, स्वच्छ जल पारदर्शी है — पुस्तक ने काँच, वायु और सेलोफेन कागज के साथ जल को भी पारदर्शी सामग्री का उदाहरण बताया है। स्वच्छ जल से भरे गिलास में सिक्का डालिए, उस पर लिखा वर्ष तक पढ़ा जा सकता है।
और हाँ, जल को अपारदर्शी बनाया जा सकता है — उसमें कुछ मिलाकर।
| जल में क्या मिलाया | जल कैसा हो जाता है |
|---|---|
| कुछ नहीं (स्वच्छ जल) | पारदर्शी — सिक्का स्पष्ट दिखता है |
| थोड़ा चॉक पाउडर या महीन मिट्टी | पारभासी — सिक्का धुँधला दिखता है |
| अधिक मिट्टी, दूध या स्याही | अपारदर्शी — सिक्का बिल्कुल नहीं दिखता |
ध्यान दीजिए कि चीनी या नमक मिलाने से जल अपारदर्शी नहीं होता। वे पूरी तरह घुल जाते हैं, इसलिए जल पारदर्शी ही रहता है — केवल उसका स्वाद बदलता है।
ऐसा क्यों: जल में तैरते सूक्ष्म अघुलनशील कण उसमें से जाते प्रकाश को रोकते और बिखेरते हैं। कण जितने अधिक होंगे, सीधा निकलने वाला प्रकाश उतना ही कम — स्वच्छ जल पहले धुँधला और फिर पूरी तरह अपारदर्शी हो जाता है। घुली हुई सामग्री ऐसे कण छोड़ती ही नहीं।
स्वयं जाँचिए: जल के तीन गिलास लीजिए और हर एक में एक सिक्का डालिए। पहले में एक चम्मच चीनी, दूसरे में एक चम्मच चॉक पाउडर और तीसरे में एक चम्मच दूध मिलाइए। केवल पहला सिक्का ही स्पष्ट दिखता रहेगा।