कुतूहल अध्याय 6 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
क्या तेल, सिरका, शहद जैसे द्रव जल में घुल जाते हैं? आइए, पता लगाएँ।
उत्तर

द्रव भी दोनों प्रकार का व्यवहार करते हैं। जल के तीन गिलास लीजिए, प्रत्येक में एक चम्मच द्रव डालकर घोलिए और फिर कुछ समय बिना हिलाए रख दीजिए।

जल में मिलाया गया द्रवक्या दिखता हैनिष्कर्ष
सिरकापूरी तरह मिल जाता है; जल स्वच्छ रहता हैघुलनशील — जल के साथ पूरी तरह मिल जाता है
शहदपहले नीचे बैठता है, पर घोलने पर पूरी तरह मिल जाता है और जल एक-सा हल्का रंगीन हो जाता हैघुलनशील
सरसों का तेलघोलते समय बूँदों में बँटता है, फिर बिना हिलाए रखते ही ऊपर अलग परत बना लेता हैअघुलनशील

अर्थात् कुछ द्रव जल में पूरी तरह मिल जाते हैं; कुछ जल के साथ मिश्रित नहीं होते और कुछ समय रख देने पर एक अलग परत बना लेते हैं।

क्या आप जानते हैं? तेल इसलिए ऊपर तैरता है क्योंकि उतने ही आयतन के जल से वह हल्का होता है। यही कारण है कि अचार के ऊपर तैरता तेल अलग निकाला जा सकता है, और तालाब पर फैले तेल को ऊपर से हटाया जाता है।
प्र2.
जल में विद्यमान गैसों के विषय में क्या कह सकते हैं?
उत्तर

गैसें भी जल में घुलती हैं — कुछ अच्छी तरह, कुछ बहुत कम।

  • वायु की ऑक्सीजन तालाबों, नदियों और समुद्र के जल में घुल जाती है। यह जल में रहने वाले जंतुओं और पौधों के अस्तित्व के लिए बहुत महत्वपूर्ण है — मछलियाँ इसी घुली हुई ऑक्सीजन को गलफड़ों से लेती हैं।
  • कार्बन डाइऑक्साइड भी जल में घुलती है। ठंडे पेय में यही गैस दबाव से भरी जाती है — बोतल खोलने पर जो आवाज और झाग आता है, वह उसी गैस के निकलने से बनता है।
  • नाइट्रोजन जैसी गैसें बहुत कम मात्रा में घुलती हैं।
घुली हुई गैस कैसे देखें: नल के जल का गिलास एक घंटे मेज पर रखिए। भीतरी दीवार पर छोटे-छोटे बुलबुले बन जाएँगे — यह जल के गरम होते ही बाहर निकलती घुली हुई वायु है। गरम जल ठंडे जल की तुलना में कम गैस घोल पाता है।
यह करके देखिए: मछलीघर (एक्वेरियम) को ध्यान से देखिए। वायु पंप के बुलबुले सजावट के लिए नहीं हैं — वे जल में लगातार ताजी ऑक्सीजन घोलते रहते हैं ताकि मछलियाँ साँस ले सकें।
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