अन्वेषण अध्याय 5 आइए पता लगाएँ

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
आपके विचार से शासकों ने अपने साम्राज्य विस्तार के लिए युद्ध के अतिरिक्त दूसरे और कौन-कौन से उपाय अपनाए होंगे? अपने विचार लिखिए और अपनी कक्षा में साझा कीजिए।
उत्तर

युद्ध सबसे शोरगुल वाला उपाय था, सबसे सस्ता नहीं। शासकों के पास कम-से-कम सात शांत उपाय और थे —

उपाययह कैसे काम करता थाअध्याय से उदाहरण
कूटनीति और गठबंधनपड़ोसी को लक्ष्य बनाने के स्थान पर मित्र बनाना; कौटिल्य मित्र को राज्य का एक अंग मानते हैंचंद्रगुप्त ने ग्रीकों से कूटनीतिक संबंध रखे और मेगस्थनीज को दरबार में स्थान दिया
बिना युद्ध के अधीनता स्वीकार करानाछोटा राजा भेंट देने पर सहमत होकर सिंहासन बचा लेता है; न घेराबंदी, न क्षति“निष्ठा तथा भेंट के बदले अपने क्षेत्रों का प्रशासन करने की अनुमति”
वैवाहिक संबंधपारिवारिक संबंध दो राजवंशों को सेना से कहीं सस्ते में जोड़ देते हैंप्राचीन राजनीति का सामान्य उपाय, सप्तांग के मित्र-अंग में निहित
आर्थिक आकर्षणव्यापारिक मार्ग और बाज़ार पर नियंत्रण हो तो छोटे राज्य समृद्धि में भागीदारी हेतु स्वयं जुड़ते हैंचित्र 5.4.4 — नदियों और व्यापारिक मार्गों पर नियंत्रण
शक्ति-प्रदर्शनसामरिक स्थलों पर दुर्ग और प्रशिक्षित सेना देखकर पड़ोसी बिना लड़े झुक जाते हैंचित्र 5.4.1 और 5.4.2
सुशासन ही सबसे बड़ा प्रचारयदि सम्राट की प्रजा सुरक्षित और समृद्ध हो, तो पड़ोसी जन उसका शासन स्वयं चाह सकते हैंकौटिल्य — “प्रजा की प्रसन्नता में राजा की प्रसन्नता निहित है”
धार्मिक-सांस्कृतिक प्रभावआचार्यों और दूतों को भेजने से सीमाओं के पार भी सद्भाव बनता हैअशोक के दूत — श्रीलंका, थाईलैंड, मध्य एशिया
ऐसा क्यों: अध्याय युद्ध की लागत स्पष्ट बताता है — सैनिकों को भोजन, वस्त्र, शस्त्र और वेतन चाहिए, हाथियों-घोड़ों की देखभाल, सड़कों और नौकाओं का निर्माण। युद्ध पर व्यय किया गया प्रत्येक सिक्का साम्राज्य से छिना हुआ सिक्का है। इसलिए चतुर शासक युद्ध को अंतिम उपाय बनाता था, पहला नहीं।
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