प्र1.
अब अपनी एक आँख बंद कीजिए और मित्र की ओर अपने हाथ का अँगूठा ऊपर कीजिए जैसा चित्र 12.12 में दर्शाया गया है। क्या आप अपने मित्र के पूरे सिर को अपने अँगूठे से ढक सकते हैं?
उत्तर
हाँ — एक आँख बंद करके और हाथ फैलाकर रखने पर अँगूठा लगभग 5 मीटर दूर खड़े मित्र के पूरे सिर को ढक लेता है, जबकि अँगूठा सिर से कहीं छोटा है।
| वस्तु | वास्तविक आमाप | आँख से दूरी | आभासी आमाप |
|---|---|---|---|
| आपका अँगूठा | लगभग 2 cm चौड़ा | लगभग 60 cm | सिर के लगभग बराबर |
| मित्र का सिर | लगभग 16 cm चौड़ा | लगभग 500 cm (5 m) | अँगूठे के लगभग बराबर |
अँगूठा: 60 cm पर 2 cm → 2 ÷ 60 ≈ 0.033
सिर: 500 cm पर 16 cm → 16 ÷ 500 ≈ 0.032
दोनों अनुपात लगभग बराबर हैं, अतः दोनों का आभासी आमाप भी लगभग बराबर है।
सिर: 500 cm पर 16 cm → 16 ÷ 500 ≈ 0.032
दोनों अनुपात लगभग बराबर हैं, अतः दोनों का आभासी आमाप भी लगभग बराबर है।
ऐसा क्यों होता है: किसी वस्तु का दिखाई देने वाला आमाप — उसका आभासी आमाप — उसके वास्तविक भौतिक आमाप और आपसे उसकी दूरी, दोनों पर निर्भर करता है। पास रखी छोटी वस्तु दूर रखी बड़ी वस्तु के बराबर दिख सकती है।
यही सूर्य-ग्रहण का पूरा रहस्य है: सूर्य चंद्रमा से लगभग 400 गुना चौड़ा है, परंतु लगभग 400 गुना दूर भी है। इसलिए दोनों आकाश में लगभग एक जैसे आमाप के दिखते हैं और चंद्रमा रूपी "अँगूठा" पूरे सूर्य को ढक लेता है।