प्र1.
क्योंकि पृथ्वी घूम रही है तो क्या सूर्य की भाँति सितारे भी आकाश में घूमते हुए प्रतीत नहीं होने चाहिए?
उत्तर
हाँ, बिल्कुल — और वे घूमते हुए प्रतीत होते भी हैं। पृथ्वी के घूर्णन से आकाश का प्रत्येक पिंड गतिमान प्रतीत होता है, केवल सूर्य ही नहीं।
किसी स्वच्छ रात्रि में सप्तर्षि (बिग डिपर) को देखिए। क्रियाकलाप 12.3 के अनुसार 7 बजे, 9 बजे और 11 बजे इसका आरेख बनाइए — आप पाएँगे कि यह उत्तरी आकाश में खिसक चुका है। पूरी रात में यह ध्रुव तारे के चारों ओर एक बड़े चाप पर चलता प्रतीत होता है।
ध्रुव तारा स्थिर क्यों दिखता है: पृथ्वी का घूर्णन-अक्ष ध्रुव तारे के बहुत निकट के बिंदु की ओर इंगित करता है। अक्ष की सीध में स्थित बिंदु पृथ्वी के घूमने पर भी अपनी दिशा नहीं बदलता — इसलिए ध्रुव तारा लगभग स्थिर रहता है और शेष सभी तारे उसके परित: घूमते प्रतीत होते हैं।
क्या आप जानते हैं? खगोल-फोटोग्राफर कैमरे का शटर घंटों खुला रखते हैं और गतिमान तारे स्वयं अपना चित्र स्टार ट्रेल्स के रूप में बना देते हैं — वृत्तों के सुंदर चाप, जिनका केंद्र ध्रुव तारा होता है। वह छायाचित्र वस्तुत: पृथ्वी के घूर्णन का ही चित्र है।