प्र1.
क्या किन्हीं भी दो पदों का योग करके एकल पद प्राप्त किया जा सकता है? उदाहरण के लिए क्या 3⁄2 a² और 3⁄10 a का योग करके एकल पद प्राप्त किया जा सकता है?
उत्तर
नहीं। दो पदों को एक पद में तभी मिलाया जा सकता है जब वे समान पद हों, अर्थात उनकी चर संख्याएँ पूर्णतया समान हों।
3⁄2 a² का अक्षर-भाग है a × a
3⁄10 a का अक्षर-भाग है a
a × a ≠ a, अतः ये समान पद नहीं हैं
3⁄10 a का अक्षर-भाग है a
a × a ≠ a, अतः ये समान पद नहीं हैं
a = 4 पर देखिए: 3⁄2 × 16 = 24 और 3⁄10 × 4 = 1.2, योग 25.2। परंतु a = 10 पर योग 153 हो जाता है — कोई एक ही पद इन दोनों मानों को नहीं दे सकता।
ऐसा क्यों होता है: समान पदों का योग वितरण गुणधर्म को उलटा पढ़ने से होता है: 2ab + 3ab = (2 + 3) ab। उभयनिष्ठ गुणनखंड तभी बाहर लिया जा सकता है जब वह दोनों पदों में वास्तव में हो। a² और a में a उभयनिष्ठ है, अतः 3⁄2 a² + 3⁄10 a = a(3⁄2 a + 3⁄10) — पर यह दो राशियों का गुणनफल है, एकल पद नहीं।