गणित प्रकाश अध्याय 6 पाठ्य प्रश्न

अद्यतन2026-09-05

प्र1.
60 इकाई भुजा वाले एक वर्ग का क्षेत्रफल 3600 वर्ग इकाई (60²) है और 5 इकाई भुजा वाले एक वर्ग का क्षेत्रफल 25 वर्ग इकाई (5²) है। क्या हम इसका उपयोग करके 65 इकाई भुजा वाले वर्ग का क्षेत्रफल ज्ञात कर सकते हैं?
उत्तर

हाँ, परंतु केवल 3600 + 25 पर्याप्त नहीं — दो आयत छूट जाते हैं।

65² = (60 + 5)² = 60² + 5² + 2 × (60 × 5)
= 3600 + 25 + 600
= 4225 वर्ग इकाई
60² = 3600 300 60 × 5 = 300 25 60 5 60 5
65 भुजा वाला वर्ग — 60 का वर्ग, 5 का वर्ग और 60 × 5 के दो आयत।

वितरण गुणधर्म से वही बात—

(60 + 5)(60 + 5) = 60 × 60 + 5 × 60 + 60 × 5 + 5 × 5
= 60² + 2 × (60 × 5) + 5²
ऐसा क्यों होता है: वर्ग को दोनों दिशाओं में बढ़ाने पर दाईं ओर एक पट्टी, नीचे एक पट्टी, और जहाँ दोनों पट्टियाँ मिलती हैं वहाँ छोटा-सा कोने का वर्ग जुड़ता है। ये दो पट्टियाँ ही “2ab” हैं; इन्हें भूल जाना इस अध्याय की सबसे आम त्रुटि है।
प्र2.
दी गई आकृति में क्या आप चारों भागों का क्षेत्रफल ज्ञात कर सकते हैं?
उत्तर
भागविमाएँक्षेत्रफल (वर्ग इकाई)
बड़ा वर्ग60 × 603600
दाईं ओर का आयत60 × 5300
नीचे का आयत5 × 60300
छोटा वर्ग5 × 525
कुल65 × 654225

3600 + 300 + 300 + 25 = 4225 ✓

प्र3.
यदि हम 65² को (30 + 35)² या (52 + 13)² लिखें तब क्या होगा? आकृतियाँ बनाइए और प्राप्त क्षेत्रफल की जाँच कीजिए।
उत्तर

कटाव की जगह बदल जाती है, पर चारों टुकड़ों का योग फिर भी 4225 ही रहता है।

(30 + 35)² = 30² + 35² + 2 × (30 × 35)
= 900 + 1225 + 2100 = 4225
(52 + 13)² = 52² + 13² + 2 × (52 × 13)
= 2704 + 169 + 1352 = 4225
900 1050 1050 1225 30 35
65² को (30 + 35)² के रूप में काटने पर चारों क्षेत्रफल 900, 1050, 1050 और 1225 — कुल 4225।
ऐसा क्यों होता है: वर्ग का क्षेत्रफल एक ही है, चाहे उसे कैसे भी काटिए। इसीलिए प्रत्येक विभाजन एक भिन्न दिखने वाला योग देता है पर कुल वही रहता है — और यही कारण है कि (a + b)² = a² + 2ab + b² केवल 60 और 5 के लिए नहीं, सभी a और b के लिए सत्य है।
प्र4.
यदि a और b कोई दो पूर्णांक हैं तो क्या (a + b)² का मान a² + b² से सदैव बड़ा ही होगा? यदि नहीं तो यह कब बड़ा होगा?
उत्तर

नहीं, सदैव नहीं। दोनों का अंतर मध्य पद है।

(a + b)² – (a² + b²) = 2ab
स्थिति2abनिष्कर्ष
a, b एक ही चिह्न के (दोनों धन या दोनों ऋण)धनात्मक(a + b)² > a² + b²
a = 0 या b = 0शून्य(a + b)² = a² + b²
a, b विपरीत चिह्नों केऋणात्मक(a + b)² < a² + b²

उदाहरण: a = 3, b = 4 → 49 > 25। a = –3, b = –4 → 49 > 25। a = 3, b = –4 → 1 < 25। a = 5, b = 0 → 25 = 25।

ऐसा क्यों होता है: पूर्ण संख्याओं के लिए ab क्षेत्रफल का आयत सचमुच दो बार उपस्थित रहता है, अतः योग का वर्ग बड़ा होना ही चाहिए। जब चिह्न भिन्न होते हैं तब वही दोनों आयत ऋण चिह्न के साथ आते हैं और कुल को घटा देते हैं।
प्र5.
104², 37² का मान ज्ञात करने के लिए सर्वसमिका 1A का उपयोग कीजिए। (संकेत— 104 और 37 को उन संख्याओं के योग या अंतर में विघटित कीजिए जिनके वर्गों की गणना करना सरल हो।)
उत्तर
104² = (100 + 4)²
= 100² + 2 × 100 × 4 + 4²
= 10000 + 800 + 16
= 10816
37² = (30 + 7)²
= 900 + 2 × 30 × 7 + 49
= 900 + 420 + 49
= 1369
स्वयं जाँचिए: 37 को 40 – 3 भी लिखा जा सकता है, जिसके लिए सर्वसमिका 1B चाहिए: 1600 – 240 + 9 = 1369 — वही उत्तर। वही विभाजन चुनिए जिसमें दोनों वर्ग सबसे सरल बनें।
क्या यह उपयोगी रहा? त्रुटि बताएँ