कक्षा ७ संस्कृत अध्याय 6 क्रीडाम वयं श्लोकान्त्याक्षरीम् के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पाठ का ढाँचा — आरम्भ में चित्रकथा (संवाद) है : बाहर वर्षा हो रही है, अतः सखियाँ घर के भीतर ही अन्त्याक्षरी क्रीडा खेलने का निश्चय करती हैं। शेष पाठ विद्या-विषयक दस सुभाषित श्लोकों का संग्रह है, जिनके साथ पुस्तक में पदच्छेदः, अन्वयः और भावार्थः दिए गए हैं। खेल का नियम — तस्य पद्यस्य अन्तिमेन व्यञ्जनवर्णेन द्वितीयगणस्य सदस्यः अन्यं श्लोकं गायति — जो गण श्लोक बोलता है, उसके अन्तिम व्यञ्जन से अगला गण नया श्लोक आरम्भ करता है। अन्त में यदि म्, विसर्गः (ः) या अनुस्वारः (ं) हो, तो उससे ठीक पहले वाला व्यञ्जन लिया जाता है। दस श्लोकों की शृंखला — किंशुकाः ( क् ) → काव्यशास्त्र… → वा ( व् ) → विद्या विवादाय… → रक्षणाय ( य् ) → येषां न विद्या… → चरन्ति ( त् ) → तदा वृत्तिश्च… → भवेत्तव ( व् ) → विद्या नाम… → पशुः ( श् ) → शनैः पन्थाः… → शनैः ( न् ) → न विद्यया विना… → समाचरेत् ( त् ) → ताराणां भूषणं… →
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| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी अर्थ | कहाँ आया |
|---|---|---|---|
| किंशुकाः | पलाशवृक्षाः | ढाक / टेसू के पेड़ (सुन्दर पर गन्धहीन) | श्लोक १ |
| निर्गन्धाः | गन्धहीनाः | गन्धरहित | श्लोक १ |
| धीमताम् | बुद्धिमताम् | बुद्धिमान लोगों का | श्लोक २ |
| व्यसनेन | भोगविलासेन | भोग-विलास/बुरी लत के द्वारा | श्लोक २ |
| मदाय | गर्वाय | अभिमान के लिए | श्लोक ३ |
| परिपीडनाय | कष्टदानाय | कष्ट देने के लिए | श्लोक ३ |
| खलः | दुष्टः | दुर्जन | श्लोक ३ |
| शीलम् | वृत्तम् | चरित्र | श्लोक ४ |
| भारभूताः | भारकराः | भार-स्वरूप | श्लोक ४ |
| वृत्तिः | उद्योगः | आजीविका | श्लोक ५ |
| तत्त्वज्ञानम् | वास्तविकं ज्ञानम् | यथार्थ ज्ञान | श्लोक ५ |
| प्रच्छन्नगुप्तम् | आवृतं रक्षितं च | ढँका हुआ और सुरक्षित | श्लोक ६ |
| कन्था | पुरातनवस्त्रैः निर्मितम् आस्तरणम् | जीर्ण वस्त्रों से बनी मोटी चादर | श्लोक ७ |
| ध्रुवम् | स्थिरम् | निश्चित रूप से | श्लोक ८ |
| सुमम् | कुसुमम् | पुष्प | श्लोक ९ |
| भ्रातृभाज्यम् | भ्रातृ-भगिनीषु विभाजनयोग्यम् | भाई-बहनों में बाँटने योग्य | श्लोक १० |
| सर्वधनप्रधानम् | सर्वेषु धनेषु मुख्यम् | सभी धनों में प्रमुख | श्लोक १० |
अभ्यास
- पाठे विद्यमानाः प्रश्नाः
- पाठस्य श्लोकाः (१–५)
- पाठस्य श्लोकाः (६–१०)
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- योग्यताविस्तरः
- परियोजनाकार्यम्
- कार्यकलापः