कक्षा ७ संस्कृत अध्याय 7 ईशावास्यम् इदं सर्वम् के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पाठ का मूल वाक्य — ‘ ईशावास्यम् इदं सर्वम् ’ अर्थात् यह सम्पूर्ण जगत् ईश्वर से व्याप्त है । यह ईशोपनिषद् का प्रसिद्ध वचन है। आचार्या इसी को समझाने के लिए प्रह्लाद की कथा सुनाती हैं। कथा का आरम्भ — दैत्यराज हिरण्यकशिपु स्वयं को सर्वशक्तिमान् और अमर मानता है। सभा में मन्त्री, दैत्यपुरोहित और सेनापति उसकी स्तुति करते हैं, किन्तु मन्त्री संकोच से बताता है कि उसका अपना पुत्र प्रह्लाद अहर्निश हरि का गुणगान करता है। प्रह्लाद पर अत्याचार — गज के पद-दलन से, ऊँचे पर्वत-शिखर से गिराने से और रस्सी से बाँधकर समुद्र में फेंकने से भी प्रह्लाद जीवित रहता है, क्योंकि नारायण उसकी रक्षा करते हैं। होलिका-दहन — ब्रह्मा के वरदान से होलिका को अग्नि नहीं जलाती। वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठती है, किन्तु वरदान का दुरुपयोग करने के कारण अग्नि होलिका को ही जला देती है और प्रह्लाद सुरक्षित रहता है। इसी से
त्वरित पुनरावृत्ति
| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी अर्थ | English |
|---|---|---|---|
| ईशावास्यम् | ईश्वरेण व्याप्तम् | ईश्वर से व्याप्त | Pervaded by God |
| राजगम्भीरः | राजसु गम्भीरः | राजाओं में कुशलतम | The best amongst the Kings |
| सर्वशक्तिमान् | सर्वसामर्थ्यवान् | सबसे अधिक शक्तिशाली | All powerful |
| यज्ञभागः | हविः | यज्ञ-आहुति | Yajna offering |
| कुलकलङ्कः | कुलपातकः | वंश को कलंकित करने वाला | One who brings ill-fame to the family |
| अहर्निशम् | अहोरात्रः | दिन-रात | Day and night |
| पद-दलनेन | पदकुट्टनेन | पैरों के द्वारा कुचलने से | Stamped (by foot) |
| उत्तुङ्गशिखरात् | उन्नतपर्वतस्य अग्रभागात् | ऊँचे पर्वत के शिखर से | From the peak of a high mountain |
| रज्ज्वा | वराटकेन | रस्सी के द्वारा | By the rope |
| अलं चिन्तया | चिन्तां मा कुरु | चिंता मत करो | Do not worry |
| पितृष्वसः ! | पितुः भगिनि ! | हे बुआ ! | Hey Paternal Aunt ! |
| आर्तनादम् | चीत्कार-क्रन्दनम् | चिल्लाकर रोना | Cry for help |
| भङ्क्ष्यामि | भग्नं करिष्यामि | तोड़ दूँगा | (I) Shall break |
| कालोऽहम् | यमः अहम् | मैं मृत्यु हूँ | I am Death |
| देहल्याम् | द्वारतले | देहरी में | Threshold |
| निजनखैः | स्वस्य करजैः | अपने नाखूनों से | By own nails |
| वक्षःस्थलम् | उरःस्थलम् | छाती | Chest |
| भिनत्ति | विदीर्णं करोति | चीरता है | Tears apart |
अभ्यास
- पाठे विद्यमानाः प्रश्नाः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
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- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- वयम् अभ्यासं कुर्मः
- योग्यताविस्तारः
- परियोजनाकार्यम्
- कार्यकलापः