कक्षा ८ संस्कृत अध्याय 5 गीता सुगीता कर्तव्या के लिए एनसीईआरटी समाधान
अद्यतन 2026-09-19
इस अध्याय के बारे में
पाठ का ढाँचा — पूरा पाठ रमेश और उसके पिता के संवाद के रूप में चलता है। कुरुक्षेत्र में गीता-जयन्ती-महोत्सव में सुना गया श्लोक ‘गीता सुगीता कर्तव्या किमन्यैः शास्त्रविस्तरैः’ ही पाठ का शीर्षक और मूल प्रश्न बन जाता है। ‘सुगीता कर्तव्या’ का आशय — पिता स्वयं उत्तर देते हैं — गीतायाः अभ्यासः सम्यक् रूपेण करणीयः ; गीता उत्तम भाव से पढ़ी जाए और उसके उपदेश कार्यक्षेत्र तथा जीवनक्षेत्र दोनों में उतारे जाएँ। केवल पाठ करना नहीं, आचरण करना ही ‘सुगीता’ है। आठ श्लोक, चार विषय — (1) श्लोक १ — स्थितधीः/स्थितप्रज्ञ का लक्षण; (2) श्लोक २ — क्रोध → सम्मोह → स्मृतिविभ्रम → बुद्धिनाश → विनाश की शृंखला; (3) श्लोक ३–४ — ज्ञान पाने के तीन उपाय (प्रणिपात, परिप्रश्न, सेवा) तथा श्रद्धा का फल; (4) श्लोक ५–७ — भगवान् को प्रिय भक्त के गुण; श्लोक ८ — वाङ्मय तप । व्याकरण का केन्द्र — पाठ की ‘अत्र इदम् अवधेयम्’ पेटी दो वि
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| शब्दः | अर्थः (संस्कृतम्) | हिन्दी अर्थ | English |
|---|---|---|---|
| सुगीता | गानमयी | अच्छी तरह से गाई जाने वाली | Melodious Song |
| अमृततुल्याः | अमृतेन सदृशाः / अतिमहत्त्वपूर्णाः | अमृत के समान | like nectar |
| अनुद्विग्नमनाः | यस्य मनः विचलितं न भवति | अविचलित मन वाला | Person of tranquil mind |
| विगतस्पृहः | अनुरागरहितः | आसक्ति रहित | Detached |
| स्थितधीः | स्थिरमतिमान् | स्थिर मन वाला | steady minded |
| मुनिः | यतिः | तपस्वी | The sage |
| सम्मोहः | किंकर्तव्यविमूढता | कर्तव्य-अकर्तव्य का अविवेक | Delusion |
| स्मृतिविभ्रमः | स्मृतिनाशः | स्मरणशक्ति का नाश होना | Loss / failure of memory |
| प्रणिपातेन | नमस्कारेण | प्रणाम के द्वारा | by bowing down / by salutation |
| परिप्रश्नेन | पुनः पुनः प्रश्नकरणेन | प्रश्नों के द्वारा | by questioning (with humility) |
| तत्त्वदर्शिनः | दार्शनिकाः | तत्त्वज्ञानी | Those who have realized the Truth |
| संयतेन्द्रियः | इन्द्रियसंयमी | संयमित इन्द्रियों वाला | One who has controlled his senses |
| निर्ममः | ममत्व-भावनारहितः | ममत्व की भावना से विहीन | Free from the sense of ‘mine’ |
| अनुद्वेगकरम् | न उद्वेगकरम् | व्याकुलता न करने वाला | Unoffending / non-agitating |
| वाङ्मयम् | वाचिकम् | वाचिक | Verbal penance |
अभ्यास
- पाठे विद्यमानाः प्रश्नाः
- श्लोक-व्याख्या (पदच्छेदः · अन्वयः · अर्थः · भावः)
- श्लोक-व्याख्या (पदच्छेदः · अन्वयः · अर्थः · भावः)
- वयं शब्दार्थान् जानीमः
- अत्र इदम् अवधेयम्
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- अभ्यासात् जायते सिद्धिः
- योग्यताविस्तरः
- परियोजनाकार्यम्